रायपुर, 14 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने सक्ती जिले में हुए वेदांता प्लांट हादसे, रायपुर की पेयजल समस्या, अमृत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा।मंत्री के जवाब से संतुष्ट न होने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और बाद में सदन से वॉकआउट कर गए। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।

वेदांता प्लांट हादसा गूंजा

प्रश्नकाल में सक्ती जिले के वेदांता प्लांट हादसे का मुद्दा सबसे ज्यादा उठा। इस हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी। कांग्रेस विधायकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। विपक्ष ने उद्योगपति अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे। सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया।

रायपुर की पेयजल व्यवस्था पर सवाल

सदन में रायपुर की पानी की समस्या पर भी लंबी चर्चा हुई। विपक्ष ने अमृत मिशन और जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि राजधानी के कई इलाकों में आज भी लोगों को समय पर पानी नहीं मिल रहा। टंकी बनने के बावजूद टैंकर से पानी भेजा जा रहा है, कई योजनाएं अधूरी हैं, अवैध नल कनेक्शन हैं और 24 घंटे पानी देने का दावा खोखला है। इस पर उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार पानी की सप्लाई बेहतर करने के लिए काम कर रही है। अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।

अविश्वास प्रस्ताव पर चंद्राकर-महंत में तीखी बहस

सत्र के दौरान अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदन का माहौल और गर्म हो गया। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से कहा, “माननीय नेता जी, अविश्वास प्रस्ताव भी दे दिया और सवाल भी पूछ रहे हैं।” इस पर डॉ. महंत ने पलटवार करते हुए कहा, “अरे यार, आप हमेशा गड़बड़ करते हो… अविश्वास प्रस्ताव में जो करना है वो करेंगे, लेकिन ये भी बताने दीजिए कि हम ये क्यों ला रहे हैं।” दोनों नेताओं के बीच हुई इस नोकझोंक से कुछ देर के लिए सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।

 

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