जशपुर
5.49 करोड़ रुपये की लागत से जशपुर में बनेगा आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम
रायपुर, 31 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला मुख्यालय जशपुर में आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 5 करोड़ 49 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस फुटबॉल स्टेडियम के बनने से जशपुर जिले के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने और जिला स्तर से आगे बढ़कर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए बेहतर मंच मिलेगा। जशपुर जिले में फुटबॉल के प्रति खिलाड़ियों और युवाओं में विशेष उत्साह और रुचि को देखते हुए यह स्टेडियम खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे जिले में नियमित प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और खेल आयोजनों के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जशपुर जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल सुविधाओं के विस्तार पर लगातार जोर दिया जा रहा है। फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए मिली यह स्वीकृति जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
देश विदेश
कांग्रेस विधायक के बयान से मचा बवाल,रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान पर विवादित टिप्पणी
ग्वालियर। कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इसी बीच उनके एक बयान पर बवाच मच गया है।दरअसल, रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उन्होंने एक विवादित बयान दे दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। फूलसिंह बरैया वीडियो में कह रहे हैं कि, ‘महारानी लक्ष्मीबाई ने आत्महत्या की थी।’ वीरांगना तब कहा जाता है, युद्ध के मैदान में कोई मरता है, लेकिन रानी ने आत्महत्या की थी।
कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया का ये वीडियो बीजेपी प्रदेश मंत्री लोकेद्र पाराशर ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया है। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद फूलसिंह बरैया ने सफाई देते हुए कहा कि, वीडियो पुराना है, लेकिन मैंने जो कहा है वो इतिहासकार काशीनाथ त्रिपाठी की किताब वृद्ध बुंदेलखंड का इतिहास को पढ़कर कहा है। बरैया ने कहा कि, रानी लक्ष्मीबाई की लड़ाई झांसी राज्य की थी।
डलहौजी ने राज्य हड़प लिया था। संधि के तहत रानी को रहने की सुविधा और पांच हजार तनखा दी जाती थी। चार साल तक अंग्रेजों की पेंशन पर रानी रहीं। ग्वालियर में नाले को पार करते समय घोड़े का पैर टूट गया। गंगादास की शाला में झोपड़ी के अंदर रानी ने सुसाइड किया था।
पूर्व बीजेपी सांसद विवेक शेजवलकर ने फूलसिंह बरैया के इस बयान पर कहा कि, जिन लोगों को ज्ञान नही है, वह लोग ऐसी बातें करते हैं ये वही लोग हैं, जो समाज तोड़कर ऐसा काम करते हैं। यही वजह है कि, 60-65 साल में जो बढऩा चहिए, नहीं बढ़ें। ऐसे तत्व हैं, जो बातें करते हैं, जनता नकारेगीं। ऐसे लोगों का ये उनका आत्मघाती कदम है।