रायपुर, 28 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति यानि बस्तर की कला और परंपरा को देश के सबसे बड़े मंच-राष्ट्रपति भवन में सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 लोगों का एक दल 30 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन जाएगा। जिसमें उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, गांव के मुखिया, जनप्रतिनिधि और पद्मश्री से सम्मानित लोग शामिल होंगे।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु खुद इस दल से मिलेंगी और विजेताओं के सम्मान में खास भोज भी देंगी। दल राष्ट्रपति भवन घूमेगा और दिल्ली के बड़े-बड़े राष्ट्रीय स्थल भी देखेगा। सीएम विष्णुदेव साय ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा, हमारी सरकार बस्तर की संस्कृति को बचाने और उसे देश-दुनिया में पहचान दिलाने का काम कर रही है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर के कलाकारों का जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम-2026 ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और लोकपरंपराएं राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव जनजातीय ज्ञान परंपरा, लोकजीवन, पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण का सशक्त अभियान बन चुका है। राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम के विजेता प्रतिभागियों एवं जनजातीय प्रतिनिधियों का सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक स्वाभिमान का सम्मान है।
बस्तर पंडुम-2026 क्या है?
ये बस्तर का सबसे बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव है। 2025 में पहली बार हुआ और इसने “गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” में नाम दर्ज कराया। इस उपलब्धि के बाद साल 2026 में महोत्सव का दायरा बढ़ाया गया। पहले जहां सात विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं, वहीं इस साल इन्हें बढ़ाकर 12 विधाओं तक किया गया। बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लेकर अपनी लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित महोत्सव में जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। उद्घाटन राष्ट्रपति मुर्मु ने किया था और समापन में गृह मंत्री अमित शाह आए थे। मेले में शिल्प, दवाइयों और खाने-पीने की दुकानें भी लगीं जिससे कलाकारों और महिलाओं को कमाई का मौका मिला।