रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए CM विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है। दरअसल, राज्योत्सव के दौरान रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की।
CM साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी मुलाक़ात हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा जतायी थी, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म – ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है, यही उनकी जीवन साधना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।