रायपुर, 9 अगस्त 2026। डॉ. भीमराव अम्बेडकर हॉस्पिटल के इमरजेंसी विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अब गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचने के लिए भीड़ के बीच से नहीं गुजरना पड़ेगा। मरीजों की सुविधा, आसान आवाजाही और आपातकालीन इलाज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी में मरीजों के प्रवेश और पंजीयन की व्यवस्था बदली है।

नई व्यवस्था के तहत ओपीडी गेट पर स्थित कमरा नंबर 100, कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) कक्ष से आपात इलाज वाले मरीजों का प्रवेश और पंजीयन होगा। सीएमओ कक्ष में मरीज की शुरुआती जांच के बाद गंभीर और तुरंत इलाज की जरूरत वाले मरीजों को बिना देरी किए सीधे आपात चिकित्सा विभाग भेजा जाएगा। इससे गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचने में आसानी होगी और मरीजों की आवाजाही भी व्यवस्थित रहेगी।

बता दें कि कुछ साल पहले तक आपात चिकित्सा विभाग इसी जगह से चलता था। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने की वजह से मौजूदा प्रवेश व्यवस्था में जगह कम पड़ने के कारण भीड़ हो रही थी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में दिक्कत हो रही थी। इसी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने पहले वाले प्रवेश और पंजीयन की जगह को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर की अध्यक्षता में शनिवार को अधीक्षक कक्ष में बैठक हुई। इसमें आपात चिकित्सा विभाग में मरीजों के आने-जाने और इलाज की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। अस्पताल के दौरे के दौरान इमरजेंसी में मरीजों की बढ़ती संख्या से हो रही भीड़ और जगह की कमी को देखा गया। इसके बाद सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों से बात करके नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।

डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार, नई व्यवस्था का मुख्य मकसद मरीजों की भीड़ कम करना, गंभीर मरीजों को तुरंत इमरजेंसी सेवा देना और मरीजों व उनके परिजनों के आने-जाने को आसान बनाना है। पंजीयन और प्रवेश व्यवस्था बदलते समय आपातकालीन सेवाएं लगातार चलती रहेंगी। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद मरीजों के आने-जाने और पंजीयन की नियमित जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों की सुविधा के हिसाब से और सुधार भी किए जाएंगे।