रायपुर 11 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, खेती की संस्कृति और गांव के जीवन की पहचान हरेली तिहार के मौके पर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में खास कार्यक्रम किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में हरेली का ये लोकपर्व पूरे पारंपरिक जोश और छत्तीसगढ़ी अंदाज में मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग और कृषि विभाग मिलकर ये खास कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू करेंगे।

हरेली को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और पहला लोकपर्व माना जाता है। खेती से जुड़ा ये त्योहार प्रकृति के प्रति धन्यवाद, अच्छी फसल की दुआ और गांव के लोगों के साथ मिलकर खुशी मनाने का प्रतीक है। सावन की हरियाली में मनाया जाने वाला हरेली तिहार प्रदेश की खेती वाली संस्कृति और प्रकृति से छत्तीसगढ़ के गहरे रिश्ते को दिखाता है।

हरेली के दिन किसान अपने खेती के औजार और हल-नांगर को साफ करके उनकी पूजा करते हैं। खेती में काम आने वाले सामान का सम्मान करते हुए अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। गांवों में घरों और चौपालों में पारंपरिक पूजा के साथ हरेली की खुशियां बांटी जाती हैं। गेड़ी चढ़ना और अलग-अलग छत्तीसगढ़ी खेल इस त्योहार का मजा और बढ़ा देते हैं।

मुख्यमंत्री निवास में होने वाले खास कार्यक्रम में भी छत्तीसगढ़ की इन्हीं लोक परंपराओं और गांव के जीवन की असली झलक देखने को मिलेगी। पूरे जगह को हरेली के माहौल के हिसाब से छत्तीसगढ़ी गांव जैसा सजाया जाएगा। खेती से जुड़ी पुरानी चीजें, कृषि के औजार और लोक संस्कृति के कई निशानों के जरिए प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत दिखाई जाएगी।

कार्यक्रम में हरेली से जुड़ी पारंपरिक गतिविधियां सबसे खास रहेंगी। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल और लोक संस्कृति के रंगों से पूरा माहौल उत्सव वाला बन जाएगा। इस आयोजन का मकसद नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, खेती की संस्कृति और गांव के जीवन की समृद्ध विरासत से जोड़ना भी है।

हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की उस जीवनशैली का प्रतीक है जिसमें प्रकृति, खेती और संस्कृति एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ये त्योहार किसान और खेती के सम्मान के साथ-साथ मिलजुल कर रहने, प्रकृति को बचाने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, तीज-त्योहारों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बचाने और बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार का आयोजन इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की माटी, महतारी, खेती-किसानी और गांव के जीवन के गौरव का उत्सव बनेगा।

You Missed