रायपुर 6 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पारस पोर्टल की पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, डीबीएन से फंड वाले मोबाइल टॉवर प्रोजेक्ट और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख कामों की विभागवार विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को साफ कहा कि योजनाओं को लागू करने में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी और हर विभाग तय लक्ष्य के हिसाब से काम करके नतीजे दिखाए।
सरकार की योजनाओं को सही तरीके से, पारदर्शी और समय पर लागू करके आम लोगों तक ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाना राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। डबल इंजन सरकार का मकसद है कि योजनाओं का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के साथ सरकार की प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं की लगातार निगरानी के लिए पारस पोर्टल (Project Assessment, Review and Analysis System) बनाया गया है। ये सुशासन का एक मजबूत जरिया बनेगा।
सीमांकन के मामलों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री नाराज
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में सीमांकन के बचे हुए मामलों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इसको लेकर बहुत शिकायतें आ रही हैं और अफसरों के आदेश के बाद भी कई जगह समय पर सीमांकन नहीं हो रहा है। इससे आम लोगों को दिक्कत हो रही है और प्रशासन की छवि भी खराब हो रही है। मुख्यमंत्री निर्देश दिए कि सीमांकन के हर केस को तय समय में जरूर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि ये जमीन पर लापरवाही और जिला स्तर पर सही निगरानी न होने की वजह से हो रहा है। सभी कलेक्टर नियमित समीक्षा करके इन मामलों को समय पर खत्म कराएं और कहीं भी लापरवाही दिखे तो कार्रवाई करें।
एग्रीस्टैक में हर किसान का रजिस्ट्रेशन जरूर हो
साय ने कहा कि एग्रीस्टैक में हर पात्र किसान का 100% रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। ये सिर्फ धान खरीदी के लिए नहीं है, बल्कि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने का आधार है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को कहा कि जिले में विशेष अभियान चलाकर हर पात्र किसान का समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं। पिछले साल शुरुआत में कुछ दिक्कतें आई थीं, लेकिन इस साल किसानों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। अगर किसी अफसर या कर्मचारी की लापरवाही से कोई पात्र किसान योजना से वंचित रहता है तो उसकी जवाबदेही तय करके कार्रवाई होगी।
सेवा सेतु के जरिए सभी सेवाएं हों ऑनलाइन
मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि अभी 27 विभागों की 721 सेवाएं इस पोर्टल पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जो सेवाएं अभी ऑनलाइन नहीं हुई हैं उन्हें भी जल्दी सेवा सेतु से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, CSC और अटल सेवा केंद्रों के जरिए सेवा सेतु का ज्यादा प्रचार किया जाए, ताकि लोग घर के पास ही ऑनलाइन सेवाओं का फायदा ले सकें।
विकसित भारत जी-रामजी योजना में ग्राम पंचायतों को मिले प्राथमिकता
बैठक में विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में बुनियादी विकास के कामों को पहले मंजूरी दी जाए। जिन पंचायतों में अभी तक काम मंजूर नहीं हुए हैं वहां तुरंत प्रस्ताव पास करके काम शुरू किया जाए, ताकि गांवों में बुनियादी सुविधाएं जल्दी मजबूत हों।
मोबाइल कनेक्टिविटी और स्कूल शिक्षा की भी हुई समीक्षा
बैठक में DBN से फंड वाले 476 मोबाइल टॉवरों को लगाने के काम की समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस काम को समय पर पूरा किया जाए क्योंकि दूर के इलाकों तक अच्छी डिजिटल कनेक्टिविटी देना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने फ्री किताब वितरण, यूनिफॉर्म वितरण, सरस्वती साइकिल योजना और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना* की प्रगति जानी और जरूरी निर्देश दिए।
स्कूलों में पोषण और पर्यावरण पर खास ध्यान
मुख्यमंत्री साय ने स्कूलों में किचन गार्डन बनाने के अभियान को तेज करने के निर्देश दिए। इससे बच्चों को ताजा और पौष्टिक खाना मिलेगा। उन्होंने स्कूलों में सहजन, कटहल जैसे उपयोगी पेड़ लगाने पर भी जोर दिया। बच्चों को पौष्टिक भोजन के फायदे बताए जाएं, ताकि वे खुद इस अभियान से जुड़ें और स्कूलों में चल रही इस अच्छी पहल को जन आंदोलन बनाया जा सके।
हर महीने होगी पारस पोर्टल के जरिए समीक्षा
CM ने कहा कि पारस पोर्टलन सरकार की योजनाओं की निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करेगा। अब हर महीने के आखिरी मंगलवार को पारस पोर्टल के जरिए राज्य स्तर पर सभी बड़ी योजनाओं और जनसेवाओं की नियमित समीक्षा होगी। इससे योजनाओं के काम में तेजी आएगी, समस्याएं समय पर सुलझेंगी और लोगों तक सरकारी सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंचेंगी।