रायपुर, 17 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर तरक्की की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिक भाई-बहनों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सभी सुविधाओं से युक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की उचित व्यवस्था के साथ साफ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को आसान बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए रोज लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है। असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, अपनी आय बढ़ाने और स्वरोजगार को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर एक मजबूत श्रमिक परिवार का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है।महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के तहत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि भेजी। उन्होंने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि और सामग्री का वितरण भी किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 तरह की कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। पिछले ढाई सालों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराने और योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने की अपील की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी दी। साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं श्रमिक परिवार की प्रतिभावान बेटी मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की। श्रमिक बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने दोपहर का भोजन कर उनके परिवार का हाल-चाल जाना। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने ‘आशीर्वाद का दीया’ भी जलाया।