रायपुर, 19 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के खेती में हो रहे नए प्रयोगों को एक बार फिर देशभर में बड़ी पहचान मिली है। धमतरी जिले में शुरू किए गए देश के पहले “प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति यानी PACS आधारित ड्रोन कृषि सेवा मॉडल” को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। कोलकाता में हुए कॉमन सर्विस सेंटर यानी CSC के 17वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में इस मॉडल को गांवों में खेती को आधुनिक बनाने का सबसे अच्छा उदाहरण बताया गया।

देश के सामने गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम

इस कार्यक्रम में “बेहतर खेती सेवाओं के लिए PACS को मजबूत बनाना” विषय पर बड़ी चर्चा हुई। इसमें धमतरी जिला पंचायत के CEO ने मुख्य वक्ता के तौर पर जिले के इस सफल मॉडल के बारे में देश के कृषि और सहकारिता के बड़े विशेषज्ञों को बताया। इस चर्चा में पश्चिम बंगाल सरकार के सहकारिता विभाग के पार्थ बसु, ड्रोन कंपनी WAW गो ग्रीन के डॉ. शंकर गोयनका और इफको के CEO मनोज वार्ष्णेय जैसे बड़े लोग शामिल हुए। सभी ने धमतरी के इस मॉडल की खूब तारीफ की।

CEO ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आदेश पर हम PACS समितियों को सिर्फ लोन देने तक सीमित नहीं रख रहे। अब इन्हें गांव का “एक ही छत के नीचे कृषि सेवा केंद्र” बनाया जा रहा है। यहां किसानों को तकनीक, डिजिटल और बैंकिंग की सारी सुविधाएं एक साथ मिलेंगी। धमतरी देश का पहला जिला है जिसने सहकारी समितियों के जरिए किसानों को सीधे ड्रोन की सुविधा दी है। पिछले महीने लोहरसी समिति में इसका बड़ा प्रदर्शन भी हुआ था।

विशेषज्ञों ने माना कि ड्रोन सिर्फ मशीन नहीं है, ये आने वाले समय की खेती है। इससे खाद और दवाई की एक जैसा और सही जगह पर छिड़काव होता है, बर्बादी नहीं होती। साथ ही समय की भी बचत होगी । जो काम घंटों में होता था वो अब मिनटों में हो जाता है। पानी, खाद और मजदूर कम लगते हैं, जिससे किसानों की कमाई बढ़ेगी।

“एक ही जगह की दुकान” सरकार इस योजना को और बड़ा करने वाली है। आगे चलकर इन्हीं समितियों से किसानों को खेती के औजार, फसल का सर्वे, रजिस्ट्रेशन, बैंकिंग और खेती की सलाह जैसी सभी सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी। ताकि किसान को किसी काम के लिए गांव से बाहर न जाना पड़े। राज्य सरकार का मानना है कि तकनीक से जुड़ा ये सहकारिता का काम ही “विकसित छत्तीसगढ़” की नींव बनेगा।