रायपुर, 25 जुलाई 2026। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमाई हुई है और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इस मामले में कांग्रेस ने कहा कि ये छात्रों की बड़ी जीत है। दूसरी ओर बीजेपी ने इसे जिम्मेदारी का फैसला करार दिया है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाते हुए कहा कि नीट छात्रों के देशव्यापी आंदोलन और सरकार के रवैये के कारण प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेना पड़ा। जबकि नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने भविष्य में निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाएं कराये जाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। महंत ने कहा, यह लोकतंत्र की जीत है छात्रों की जीत है। अब सरकार ये सुनिश्चित करे कि परीक्षाएं सही समय पर हो, सही तरीके से हो, क्योकि बच्चों का भविष्य ही भारत का भविष्य हैं।

वहीं EX CM भूपेश बघेल ने X पर लिखा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है। इसके अलावा भूपेस बघेल ने केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और Gen Z को नरसिंह अवतार बताया। बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों की जीत है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हार है।

सीएम विष्णुदेव साय ने इसे नैतिकता और देशहित की मिसाल बताया हैं। CM साय ने X पर पोस्ट कर लिखा, देशहित को सबसे ऊपर रखकर पद से इस्तीफा देना, यह दिखाता है कि धर्मेंद्र प्रधान नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों के लिए कितने पक्के हैं। उनका यह फैसला सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी और अच्छे आचरण की एक बड़ी मिसाल है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधान के इस्तीफे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए ये फैसला जरूरी था। वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।

यादव ने आगे कहा कि बड़े मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा वापस लेना चाहिए।

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