रायपुर, 24 जुलाई 2026। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर अब पुलिसिंग को टेक्नोलॉजी से जोड़ने पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में मध्य जोन के देवेंद्र नगर थाने में “ई-मालखाना 2.0” की शुरुआत की गई। नई व्यवस्था में थाने में जब्त किए गए सामान का पूरा रिकॉर्ड अब आधुनिक और डिजिटल तरीके से रखा जाएगा। इससे काम में पारदर्शिता आएगी।

बता दें कि कोतवाली, गंज और मोदहापारा थाने में ई-मालखाना सिस्टम पहले ही शुरू हो चुका है और अच्छे से चल रहा है। अब इसे धीरे-धीरे रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में लागू किया जाएगा। रायपुर पुलिस का लक्ष्य है कि सभी थानों में तकनीक वाली व्यवस्था लागू करके पुलिसिंग को आधुनिक, पारदर्शी और आम लोगों के लिए बेहतर बनाया जाए।

ई-मालखाना 2.0 की खासियत
पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन: ऐप के जरिए मालखाने में रखे हर जब्त सामान की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी।
बारकोड सिस्टम: हर सामान पर बारकोड लगेगा। उसे स्कैन करते ही मोबाइल या कंप्यूटर पर उस सामान की पूरी डिटेल तुरंत दिख जाएगी।
काम में आसानी: इससे सामान को ढूंढना, रिकॉर्ड चेक करना, उसकी देखभाल करना और कोर्ट में जानकारी देना बहुत आसान हो जाएगा।
पुलिस को क्या फायदा होगा?
पुलिस का कहना है कि डिजिटल सिस्टम आने से जब्त सामान के रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ेगी। गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी और जवाबदेही तय होगी। पुलिसकर्मियों का समय बचेगा। रिकॉर्ड रखना पहले से ज्यादा आसान और बेहतर होगा।
कोर्ट के काम में भी मिलेगी मदद
“ई-मालखाना सिस्टम” कोर्ट में सामान पेश करने में बहुत मददगार हैं। पहले किसी केस का सामान कोर्ट में पेश करने के लिए उसे ढूंढने में बहुत समय लग जाता था। अब डिजिटल सिस्टम से उस सामान को तुरंत ढूंढकर सही समय पर कोर्ट में पेश किया जा सकेगा।
ई-मालखाना में हर जब्त सामान का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इसी को “चेन ऑफ कस्टडी” कहते हैं। ये किसी भी केस में सबूत को सही और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी होता है।