08 जुलाई 2026, रायपुर. छत्तीसगढ़ की लोककला और पंडवानी परंपरा को नई पहचान देने वाली महान कलाकार स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। रायपुर में आयोजित सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने घोषणा की कि अब पंडवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को तीजन बाई के नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान संस्कृति मंत्री ने तीजन बाई के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी सौंपा। मंत्री अग्रवाल ने घोषणा कि उनके पैतृक गांव गनियारी को ‘कला ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पंडवानी और प्रदेश की लोककलाओं को बढ़ावा देना, साथ ही नई पीढ़ी को तीजन बाई के जीवन और कला से जोड़ना है।
इसके अलावा तीजन बाई द्वारा उपयोग किया गया ऐतिहासिक तंबूरा अब घासीदास संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा और आम लोगों के दर्शन के लिए प्रदर्शित किया जाएगा। गनियारी शासकीय हाई स्कूल का नाम बदलकर अब पद्म विभूषण तीजन बाई के नाम से रखा जाएगा। स्कूल का नाम उनके नाम पर होने से आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन संघर्ष, कला साधना और सांस्कृतिक योगदान को जानेंगी और उनसे प्रेरणा लेंगी।